inking my emotions

A place of pouring emotions

Tuesday, 21 October 2014

ख़्वाब

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        ये मेरे ख्वाबो के परिंदे रुक जा ,ठहर जा ,,थोड़ा               आराम    तो कर       फिरे जो तेरे संग संग यह बेचैन दिल ,,इसे...

मंजिल

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मै चल निकला हु नई मंज़िल की और नई सोच ,, नई आरज़ू ,,,नई दिशाएं लेकर पाने उस मुकाम को ,,,जिसका सपना मेरी आँखो में पलता है जिसको पाने क...

व्वस्था परिवर्तन की लडाई

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धधक   धधक   तेरा   दिल   जले  ,,,  लहू   को   अपनी   आंच   दे  ...  मान   दे   सम्मान   दे  ,,  तू   खुद   को   सविमान   दे  ......

हम से

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   हज़ारो आँसुओ को छुपाकर,,,   होठों से मुस्कुराना कोई हम से सीखे   दिल में पलते हर इक जख़्म को दबाकर ,,, ,जीना  कोई हम से सीखे ...

.गरीब आदमी

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मै कोसता रहता  हू , वो कसीदे पढ़ते है  मेरी गरीबी को वो गरीबी नहीं मनोदशा कहते है  जमीं पर न रखे हो पाव जिसने कभी , ...

हंगामा ,

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मै कुछ बोलु तो हंगामा , न कुछ बोलू तो हंगामा , ख्यालो में हे हंगामा , सवालो में हे हंगामा , दिलो में आग जलती हे , तभी उठता ह...

जंग खुद से

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यहाँ पे जंग खुद से हे ,,, न बाते कर यहाँ गैरो की। …  दिलो में दर्द इतना हे ,,,,,,न बाते कर यहाँ गैरो कि…  दिलो की आरज़ू जब भी जगे,, तब भी लड़...
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